अगर आपने पिछले 2 सालों से अपने क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं भरा है, तो यकीनन आप एक भारी मानसिक और आर्थिक तनाव से गुज़र रहे होंगे। रातों की नींद उड़ जाना, अनजान नंबरों से कॉल आने पर घबराहट होना और कानूनी नोटिस का डर यह सब बहुत स्वाभाविक बात है।
अक्सर किसी मेडिकल इमरजेंसी, नौकरी छूटने या व्यापार में नुकसान (जैसे कोविड के दौरान) के कारण लोग इस स्थिति में पहुँच जाते हैं। लेकिन सच तो यह है कि डरने या छिपने से समस्या और गंभीर हो जाती है। आइए बिल्कुल सरल भाषा में समझते हैं कि 2 साल तक बिल न भरने का असली अंजाम क्या होता है, आपके अधिकार क्या हैं, और इस दलदल से सम्मानपूर्वक कैसे बाहर आ सकते हैं।
जब आप 90 दिनों तक अपना बिल नहीं भरते, तो बैंक आपके खाते को ‘NPA’ (Non-Performing Asset) घोषित कर देता है। लेकिन जब यह डिफ़ॉल्ट 2 साल का हो जाता है, तो स्थिति थोड़ी और जटिल हो जाती है।
रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट और बैंकिंग ट्रेंड्स के आंकड़ों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड पर लगने वाला लेट फीस और 36% से 42% का भारी-भरकम चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) 2 सालों में आपके मूल कर्ज (Principal) को 2 से 3 गुना तक बढ़ा देता है।
इसके अलावा, आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर पूरी तरह से क्रैश हो चुका होता है। बैंक इस अकाउंट को ‘Write-off’ (अपनी बैलेंस शीट से हटाना) कर सकते हैं, लेकिन इसका मतलब कर्ज माफ़ी नहीं है; रिकवरी एजेंसियां तब भी पैसे वसूलने की पूरी कोशिश करती हैं और आप पर सिविल केस (Civil Suit) या कानूनी नोटिस भी भेजा जा सकता है।
एक रियल-लाइफ केस स्टडी – बिल्कुल मिल सकती है। हमारे एक क्लाइंट, श्री अभिषेक पांडे का ही उदाहरण लें। कोविड लॉकडाउन के बाद और 2019 में अपनी माता जी के देहांत के कारण वे भारी आर्थिक और भावनात्मक संकट में थे। घर में एक नवजात शिशु के खर्चों के बीच, उन पर 3.57 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। उनकी ईएमआई (EMI) बाउंस होने लगीं, सिबिल स्कोर पूरी तरह गिर चुका था, और रिकवरी एजेंटों का उत्पीड़न इतना बढ़ गया था कि अनजान लोग भी उन्हें परेशान कर रहे थे।
अगस्त 2021 में उन्होंने SingleDebt से संपर्क किया। हमारी टीम ने तुरंत लेनदारों (Creditors) से संचार अपने हाथों में लिया और 2 NBFCs के खिलाफ RBI में सख्त कानूनी शिकायत दर्ज की (जिसके बाद बैंकों ने खुद शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया)।
नतीजा? कुछ ही महीनों में सारे रिकवरी कॉल्स पूरी तरह कम हो गए। आज अभिषेक न सिर्फ पूरी तरह से ‘कर्ज-मुक्त’ (Debt-Free) हैं, बल्कि उनका सिबिल स्कोर सुधर चुका है।
जब डिफ़ॉल्ट इतना पुराना हो जाता है, तो रिकवरी एजेंट्स के तरीके काफी आक्रामक हो जाते हैं। ऐसे में आपको सिर्फ वित्तीय सलाह ही नहीं, बल्कि एक मजबूत ‘कानूनी ढाल’ की जरूरत होती है। SingleDebt आपको बिना किसी झूठे वादे के एक अनुशासित और सुरक्षित रास्ता देता है:
2 साल या उससे अधिक समय तक क्रेडिट कार्ड का बिल न भर पाना एक बड़ी समस्या जरूर है, लेकिन यह आपकी जिंदगी का अंत नहीं है। ब्याज के डर और रिकवरी वालों की धमकियों के साये में जीने से बेहतर है कि आप अपने कानूनी अधिकारों को जानें और एक सही कदम उठाएं।
SingleDebt के पास ऐसी गंभीर परिस्थितियों से निपटने का वर्षों का अनुभव और कानूनी विशेषज्ञता है। अगर आप इस लगातार बढ़ते कर्ज और मानसिक तनाव से हमेशा के लिए बाहर आना चाहते हैं, तो आज ही SingleDebt से संपर्क करें और हमारे Debt Management Plan (DMP) के साथ चैन की नींद वापस पाएं।
नहीं। क्रेडिट कार्ड का बिल न भरना एक ‘सिविल मामला’ (Civil Dispute) है। कोई भी बैंक या रिकवरी एजेंट इसके लिए आप पर क्रिमिनल केस करके आपको जेल नहीं भिजवा सकता। वे पैसे रिकवर करने के लिए कोर्ट में सिविल सूट दायर कर सकते हैं या कानूनी नोटिस भेज सकते हैं, लेकिन पुलिस आपको गिरफ्तार नहीं कर सकती।
यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी है। ‘Write-off’ एक अकाउंटिंग प्रक्रिया है जहाँ बैंक अपने टैक्स बचाने के लिए इसे नुकसान मान लेते हैं। लेकिन आपकी देनदारी (Liability) खत्म नहीं होती। बैंक या थर्ड-पार्टी एजेंसियां आपसे कानूनी रूप से उस पैसे की मांग जारी रख सकती हैं।
हाँ, यह बिल्कुल ठीक हो सकता है। जैसे ही आप SingleDebt के ‘डेब्ट मैनेजमेंट प्लान’ (DMP) के तहत अपनी नई, छोटी किश्तें समय पर चुकाना शुरू करते हैं, आपका ट्रैक रिकॉर्ड फिर से बनना शुरू हो जाता है। कर्ज पूरी तरह खत्म होने के बाद समय के साथ आपका CIBIL स्कोर भी धीरे-धीरे सुधरने लगता है।